शायरी हिंदीं 2021 SHAYRI HINDI

  शायरी हिंदीं 2021 SHAYRI  HINDI  

सच्ची है मेरी दोस्ती आजमा के देख लो करके यकीं मुज पर मेरे पास आकर देख लो बदलना नहीं कभी सोना आपने रंग जितनी बार दिल करे आग लगा कर देख लो 

उम्र की राह में रास्ते बदल जाते है वक्त की आधी में इंसान बदल जाते है सोचते है आपको इतना याद ना करे लेकिन आँख बंद करते ही इरादे बदल जाते है 

तरसते थे जो हमसे मिलने को कभी न जाने क्यों आज मेरे साय से भी कतराते है हम भी वही है दिल भी वही है न जाने क्यों लोग बदल जाते है 

छुपा लू तुझको अपनी बाहों में इस तरह की हवा भी गुजरने की इजाजत मांगे मदहोश हो जाऊ तेरे प्यार में इस तरह की होश भी आने की इजाजत मांगे 

कुछ सोचु तो तेरा ख्याल आ जाता है कुछ बोलू तो तेरा नाम आ जाता है कब तलक बया करू दिल की बात हर सास में अब तेरा अहसास आ जाता है 

याद जब आती है तुम्हारी तो सिहर जाता हु में देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हु में अब न पाने की तमन्ना है ना खोने का डर जाने क्यों अपनी चाहत से मुकर जाता हु में 

क्यों बदल जाते है मौसम हमे मालूम ना था प्यार है प्यार का मातम हमे मालूम न था इस मोहब्बत में यहाँ किसका भला होना है हर मुलाकात की किस्मत में जुदा होना है 

छोड़ गए हमको वो अकेले ही राहो में चल दिए रहने वो गेरो की पनाहो में शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आई तभी तो सिमट गए वो ओरो की बाहों में 

सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं दूर वो मुझसे है पर खफा नहीं मालूम है अब भी वो प्यार करते है मुझसे वो थोड़ा सा जिद्दी है मगर बेवफा नहीं 

ऐसा जगाया आपने की अब तक ना सो सके यु सुलाया आपने की महफ़िल में हम ना रो सके ना जाने क्या बात है आप में सनम माना है जबसे तुम्हे अपना किसी के ना हम हो सके 

दिल के लूट जाने का इजहार जरुरी तो नहीं यह तमसा सरे बाजार जरुरी तो नहीं मुझे था इश्क मेरी रूह से और अब भी है जिस्म से कोई सरोकार जरुरी तो नहीं 

होठो पर मोहब्बत से फ़साने नहीं आते शहील पर समंदर के खजाने नहीं आते पलके भी चमक उठती है सोते हुए हमारी आखो को अभी खाव्ब छुपाने नहीं आते है 

ऐसा कया कह दू की तेरे दिल को छू जाए ऐसी किसने दुआ मागु की तू मेरी हो जाए मुझे पाना नहीं तेरा हो जाना मन्नत मेरी ऐसा क्या कर दू की ये मन्नत पूरी हो जाए 

इश्क का जिसका ख्वाब आ जाता है समजो उष्का वक्त खराब आ जाता है महबूब आये या ना आये पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है 

बड़ी सोच के इरादे है छोटी सोच के गुलाम नहीं और सर्कल के लिंक तेरी ओकात से बहार है छोटू क्यों की हमारी बगल में जिगर वाले बैठते है झंडुबाम नहीं 

बाप को समजो दोस्त वो मार खायेगा सोखा नहीं देखा और लोगो पर यकीन उठना रख जीत्नने के वो लायक है किसके माथे पे लिखा वो धोका नहीं देगा 

गोरे रग पर क्या मरणा क्या पता कौन हुस्न चोर उश्के है हाजी गोरे रग पे ना जाये हुजूर क्या पता कौन हुसन के चोर उश्के है और हम गांव वाले है मेडम अगर रग की पके है तो जुबान की पक्के है 

तरक्की देखकर यह वापस कौन आहा रहा है ब्लॉक करने वालो की फ़ोन आहा रहे है जरा भी सरम नहीं है इन लोगो को एक बार 

 पहले अपनी ओकात दिखाए थी 


कहा चले जाते हो यु मुझे ऑनलाइन छोड़ कर क्या तुम्हे पता नहीं मेरी शायरी हो तुम काश जिंदगी में एक इच्छा पूरी करने का मौका मिल जाता है 

कसम से मुझे सात जन्मो के लिए मांग लेते प्यार भी करते है गुस्सा भी करते है पर तेरे बिना रह नहीं सकते जो करते है जान तेरे लिए करते है 

किसी को क्या बताए की कितने मजबूर है हम एक तुम्हे ही चाहा है और तुमसे ही दूर है हम वो हमसे जुटे वादे हर रोज कर जाते है लेकिन हम उन वादों पर हर बार सह जाते है 


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